उत्तराखंड:- प्रदेश भर में आज भी बारिश और बर्फबारी की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार पर्वतीय इलाकों के साथ मैदानों में हल्की बारिश के आसार हैं। जबकि, 2500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। मौसम ने रविवार की सुबह करवट ली जिससे पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानों में बारिश हो गई। यह बदलाव इस साल दूसरी बार हुआ है। इससे पहाड़ से लेकर मैदान तक ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। बारिश-बर्फबारी के चलते प्रदेशभर में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। फरवरी की शुरुआत बारिश-बर्फबारी के साथ हुई थी। एक दिन मौसम साफ रहने के बाद चार फरवरी को फिर मौसम बदला तो सुबह से बारिश और बर्फबारी का सिलसिला शुरू हो गया। राजधानी दून में सुबह से शुरू हुई बारिश दिन में कई बार रुक-रुककर होती रही। जिसके चलते दून का अधिकतम तापमान पांच डिग्री की कमी के साथ 16.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पंतनगर के अधिकतम तापमान में भी दो डिग्री की कमी दर्ज की गई। जबकि नई टिहरी के अधिकतम तापमान में सबसे अधिक 11 डिग्री की कमी रिकॉर्ड की गई और तापमान पांच डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि, रात के सामान्य तापमान में बढ़ोतरी के चलते गलन वाली ठंड से राहत मिली। दून में रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री के इजाफे के साथ 10.3 डिग्री रहा जबकि पंतनगर का भी छह डिग्री अधिक रहा। सिर्फ नई टिहरी के न्यूनतम तापमान में एक डिग्री की कमी दर्ज की गई। इस साल दो बार बारिश-बर्फबारी होने से जहां एक ओर ग्लेशियर रिचार्ज हुए हैं, वहीं किसानों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों के चेहरे पर चमक बिखर गई है। कारोबारियों का कहना है वीकेंड के समय बर्फबारी होने से अच्छा कारोबार हुआ। पहले इस तरह का काम दिसंबर-जनवरी में हुआ करता था। मौसम विज्ञान केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने कहा मौसम के बदले चक्र और जलवायु परिवर्तन के चलते भले ही बारिश-बर्फबारी में देरी हुई है। लेकिन, फरवरी में अभी तक दो बार हुई बर्फबारी से ग्लेशियर अच्छे रिचार्ज हुए हैं। इसका निश्चित तौर पर लाभ मिलेगा। इस महीने अभी एक-दो बार और ऐसा ही मौसम होने की संभावना है। Please follow and like us: Share Post Share Post navigation उत्तराखंड विधानसभा सत्र शुरू , विपक्ष ने भी सदन में सरकार को घेरने की बनाई रणनीति बनाई समान नागरिक संहिता विधेयक पर कांग्रेस का रुख,कहा विधेयक पेश होने के बाद अध्ययन को मिले पर्याप्त समय, ताकि ठीक से हो सके चर्चा