चारधाम यात्रा से जुड़े कारोबारियों और तीर्थपुरोहितों के मुखर विरोध के चलते प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं की संख्या को सीमित रखने के प्रस्ताव को टाल सकती है। सरकार के स्तर पर तीन धामों बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री में श्रद्धालुओं की संख्या पर पाबंदी न लगाने पर विचार शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसके संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि केदारनाथ में यात्रियों की संख्या का कोटा तय हो सकता है। बाकी धामों के बारे में सरकार विचार कर रही है। चारधाम यात्रा में बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम की धारण क्षमता के आधार पर पर्यटन विभाग ने दर्शन के लिए प्रतिदिन श्रद्धालुओं का कोटा निर्धारित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। चारधाम यात्रा से जुड़े तीर्थ पुरोहित, होटल, ढाबा व्यवसायी, टैक्सी ऑपरेटरों ने श्रद्धालुओं का कोटा निर्धारित करने के प्रस्ताव का विरोध किया। इस पर सरकार ने प्रस्ताव पर निर्णय लिया। साथ ही अधिकारियों को हितधारकों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए थे। अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में सभी हित धारकों के साथ बैठक की जा चुकी है, जिसमें चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत, होटल व्यवसायी और टैक्सी ऑपरेटरों ने श्रद्धालुओं की संख्या सीमित करने का पुरजोर समर्थन किया था। 22 अप्रैल से चारधाम यात्रा शुरू होनी है। हितधारकों के विरोध को देखते हुए सरकार केदारनाथ को छोड़ गंगोत्री, यमुनोत्री व बदरीनाथ में श्रद्धालुओं के कोटे को समाप्त कर सकती है। Please follow and like us: Share Post Share Post navigation मुख्यमंत्री ने मुख्य सेवक सदन में प्रदान किये 187 नियुक्ति पत्र बैडमिंटन क्लब की स्मारिका ‘‘प्रयास’’ का मुख्यमंत्री धामी ने किया विमोचन