मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने शुक्रवार को सचिवालय में अधिकारियों के साथ आयुष विभाग द्वारा एलोपैथिक चिकित्सकों को आयुर्वेद का प्रशिक्षण दिए जाने के सम्बन्ध में बैठक ली। उन्होंने कहा कि एलोपैथी और आयुर्वेद को एक दूसरे के पूरक के रूप में देखना चाहिए। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य यह होना चाहिए कि एलोपैथिक चिकित्सकों के मन में जो आयुर्वेद को लेकर विरोधी मानसिकता और शंकाएं हैं, उन्हें दूर किया जा सके। मुख्य सचिव ने कहा कि आयुर्वेद को मात्र एक चिकित्सा पद्धति के रूप में न देखते हुए एक जीवन शैली के रूप में देखना चाहिए। यह मात्र बीमारियों का इलाज ही नहीं करती बल्कि आयुर्वेद को अपनाकर हम अपने शरीर को बीमारियां होने से रोक भी सकते हैं। इस अवसर पर सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय एवं आर. राजेश कुमार सहित उत्तराखण्ड आयुर्वेद यूनिवर्सिटी और एचएनबी उत्तराखण्ड मेडिकल यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधि उपस्थित थे। Please follow and like us: Share Post Share Post navigation शिक्षा मंत्री ने नकलविहीन परीक्षाओं के आयोजन को लेकर अधिकारियों को दिये निर्देश देहरादून सीओ के कार्यक्षेत्रों में हुआ फेरबदल