नेपाल में भीषण बाढ़ का खौफनाक मंजर, अब तक 579 से ज्यादा शव बरामद; हजारों लापता

Read Time:6 Minute, 55 Second

नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्यिरोंग इमिग्रेशन सेंटर के नजदीक अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। मिट्टी, पत्थरों और तेज बहाव वाले पानी की एक विशाल लहर ने इमिग्रेशन सेंटर को अपनी चपेट में ले लिया, जिसके बाद वहां मौजूद बड़ी संख्या में लोगों का संपर्क टूट गया। इस भयावह हादसे के बाद सैकड़ों लोगों के लापता होने की खबर है। इनमें सद्गुरु के ईशा फाउंडेशन से जुड़े करीब 80 श्रद्धालु भी शामिल बताए जा रहे हैं, जो कैलाश मानसरोवर की तीर्थयात्रा से लौट रहे थे। ईशा फाउंडेशन के श्रद्धालुओं का एक समूह तिब्बत से नेपाल की ओर लौट रहा था। इसी दौरान यह समूह ग्यिरोंग इमिग्रेशन सेंटर पहुंचा था। हादसे से कुछ ही मिनट पहले ग्रुप लीडर ने फाउंडेशन को संदेश भेजकर उनके इमिग्रेशन सेंटर पहुंचने की जानकारी दी थी। ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने भी एक भावुक संदेश में घटना की जानकारी साझा की। उनके मुताबिक सुबह करीब 9:05 बजे ग्रुप लीडर का आखिरी मैसेज मिला था कि समूह इमिग्रेशन सेंटर पहुंच चुका है। इसके करीब नौ मिनट बाद सुबह 9:14 बजे अचानक बाढ़ ने इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। सद्गुरु के मुताबिक इसके बाद समूह से कोई संपर्क नहीं हो पाया। उन्होंने आशंका जताई कि समूह के सदस्य उस समय इमिग्रेशन बिल्डिंग के अंदर ही मौजूद थे। लापता श्रद्धालुओं में अमेरिका की नागरिक श्रीदेवी वेजेला भी शामिल हैं। उनके पति दीपक डंडू ने अपनी पत्नी की तलाश की उम्मीद नहीं छोड़ी है। वह अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित जॉन एफ. कैनेडी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से हैदराबाद के लिए रवाना हुए ताकि अपने परिवार के साथ रह सकें और पत्नी की जानकारी हासिल कर सकें। दीपक डंडू के मुताबिक, श्रीदेवी उस समूह का हिस्सा थीं जो कैलाश और मानसरोवर की तीर्थयात्रा से लौट रहा था। उन्होंने बताया कि हादसे के वक्त उनकी पत्नी ग्यिरोंग इमिग्रेशन बिल्डिंग के अंदर थीं और उसके बाद उनसे संपर्क पूरी तरह टूट गया।

डंडू ने बताया कि मंगलवार तक उनकी पत्नी से लगातार बातचीत हो रही थी। श्रीदेवी ने उन्हें बताया था कि वह वापस लौट रही हैं, लेकिन इसके बाद उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया। श्रीदेवी के साथ उनका 13 वर्षीय बेटा भी भारत आया था, जो परिवार के साथ हैदराबाद में रुका हुआ था। हादसे की खबर सामने आने के बाद बच्चा बेहद परेशान है। डंडू ने बताया कि वह अपने बेटे के पास पहुंचकर उसके साथ रहने की कोशिश कर रहे हैं। डंडू ने भावुक होकर बताया कि कैलाश मानसरोवर की यात्रा श्रीदेवी का लंबे समय से देखा हुआ सपना था। इसी सपने को पूरा करने के लिए वह इस तीर्थयात्रा पर गई थीं, लेकिन अब परिवार उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठा है। नेपाल में इस प्राकृतिक आपदा का असर केवल एक इलाके तक सीमित नहीं रहा। कई जिलों में अचानक आई बाढ़ और मलबे के कारण बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है। राहत और बचाव एजेंसियां लगातार लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं। पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक चितवन जिले से 233, नवलपरासी ईस्ट से 154, गोरखा से 46 और धाडिंग से 40 शव बरामद किए गए हैं। इसके अलावा नुवाकोट से 37, तनाहु से 30, नवलपरासी वेस्ट से 27 और रसुवा से 12 शव मिलने की जानकारी सामने आई है।

इस तरह नेपाल के विभिन्न प्रभावित इलाकों से अब तक 579 से अधिक शव बरामद किए जाने की जानकारी दी गई है। वहीं, चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के ग्यिरोंग काउंटी में भी पांच लोगों की मौत की सूचना दी गई है। बताया गया है कि बुधवार सुबह रसुवा और आसपास के इलाकों में अचानक बाढ़ आने के बाद से कम से कम 1,924 लोग लापता हैं। इनमें 86 सुरक्षाकर्मी, 517 विदेशी पर्यटक और 127 नेपाली यात्री भी शामिल बताए गए हैं। हालात को देखते हुए नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। प्राधिकरण के मुताबिक जिस इलाके में बुधवार को अचानक बाढ़ आई थी, वहां कीचड़ मिला पानी बढ़ने से एक और बाढ़ का खतरा बना हुआ है। प्राधिकरण ने खोज और बचाव अभियान में लगे कर्मचारियों के साथ-साथ भोतेकोशी और त्रिशूली क्षेत्र में रहने वाले लोगों से भी सावधानी बरतने की अपील की है। किसी भी तरह का खतरा महसूस होने पर लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। फिलहाल राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। लापता लोगों की तलाश के साथ प्रभावित इलाकों में फंसे नागरिकों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की जा रही है। ईशा फाउंडेशन से जुड़े 80 श्रद्धालुओं को लेकर भी परिजनों की चिंता बढ़ी हुई है और सभी उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद कर रहे हैं।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Please follow and like us:
Pin Share

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *