Supreme Court News: दीपक कुमार के खिलाफ FIR पर फिलहाल रोक, सोशल मीडिया पोस्ट मामले में भी राहत - Uttarakhand Samachar

नई दिल्ली:-  उत्तराखंड के कोटद्वार में बजरंग दल सदस्यों और एक मुस्लिम दुकानदार के बीच हुए विवाद से जुड़े मामले में जिम संचालक दीपक कुमार को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने दीपक कुमार के खिलाफ दर्ज FIR के आधार पर होने वाली कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी है। सोमवार को मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने की। शीर्ष अदालत ने नैनीताल हाई कोर्ट के उस आदेश पर भी रोक लगा दी, जिसके तहत दीपक कुमार को घटना और उससे जुड़े मामले के संबंध में सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से रोका गया था।

हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में दी थी चुनौती

दीपक कुमार ने नैनीताल हाई कोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें हाई कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने से इनकार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने दीपक कुमार की याचिका पर संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया और मामले में अंतरिम आदेश पारित किया। इसके तहत FIR के आधार पर उनके खिलाफ होने वाली कार्रवाई पर फिलहाल रोक रहेगी।

बजरंग दल और दुकानदार के विवाद से जुड़ा मामला

सुनवाई के दौरान दीपक कुमार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी पेश हुए। उन्होंने अदालत को बताया कि मामला उस विवाद से जुड़ा है, जिसमें बजरंग दल के कुछ सदस्यों ने एक मुस्लिम दुकानदार की दुकान के नाम को लेकर आपत्ति जताई थी। सिंघवी के अनुसार, दुकान के नाम में ‘बाबा’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर विवाद हुआ था और इसी दौरान दीपक कुमार ने मामले में हस्तक्षेप किया था। उनके पक्ष की ओर से घटना से संबंधित वीडियो रिकॉर्डिंग का भी हवाला दिया गया और हाई कोर्ट के आदेश में दिए गए तर्कों पर सवाल उठाए गए।

‘मोहम्मद दीपक’ नाम बताने की दलील

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सिंघवी ने दलील दी कि जब मौके पर मौजूद भीड़ ने दीपक से उनका नाम पूछा तो उन्होंने अपना नाम ‘मोहम्मद दीपक’ बताया। इसके बाद वह कथित तौर पर दुकानदार की मदद के लिए आगे आए। अदालत को यह भी बताया गया कि घटना पिछले साल 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस के दिन हुई थी और इससे संबंधित वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।

दीपक ने भी दर्ज कराई थी शिकायत

दीपक कुमार की ओर से अदालत में यह भी दलील दी गई कि उन्होंने घटना को लेकर खुद शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं, उनके खिलाफ FIR दर्ज कर दी गई। उनके वकील ने हाई कोर्ट के उस निर्देश पर भी आपत्ति जताई, जिसमें दीपक कुमार को घटना से संबंधित संदेश, वीडियो या अन्य सामग्री सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से रोक दिया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने दीपक कुमार की याचिका पर प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है। साथ ही FIR के आधार पर होने वाली कार्रवाई और सोशल मीडिया पोस्ट से संबंधित हाई कोर्ट के निर्देश पर अंतरिम रोक लगा दी है। मामले की आगे की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट संबंधित पक्षों की दलीलों और रिकॉर्ड के आधार पर आगे का निर्णय लेगा।

Please follow and like us:
Pin Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *