UP Flood: बाढ़ प्रभावित इलाकों में 1,263 शरणालय और 1,589 बाढ़ चौकियां तैयार - Uttarakhand Samachar

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता के बीच बारिश और बाढ़ से हालात लगातार चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। मंगलवार को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई, वहीं बाढ़ के चलते कई दुखद घटनाएं भी सामने आईं। बारिश और बाढ़ से संबंधित हादसों में 10 लोगों की मौत हो गई। इनमें छह लोग पुल पार करते समय पानी के तेज बहाव में बह गए। मृतकों में बदायूं, कन्नौज, हरदोई और फर्रुखाबाद से एक-एक व्यक्ति शामिल हैं, जबकि प्रयागराज में चार लोगों की जान गई। इसके अलावा बलिया में पेड़ गिरने और बहराइच में बिजली गिरने से एक-एक व्यक्ति की मौत हुई।

प्रयागराज में सबसे ज्यादा 192 मिमी बारिश

मंगलवार को उत्तर प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। प्रयागराज, सोनभद्र, चित्रकूट और मिर्जापुर समेत कई इलाकों में बारिश का जोर देखने को मिला। प्रयागराज में सर्वाधिक 192 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा बिजनौर में 162 मिमी, संभल में 150 मिमी और सोनभद्र में 123 मिमी वर्षा दर्ज हुई। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक 19 से 23 अगस्त तक मध्य प्रदेश से सटे जिलों समेत उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है।

7 जिलों में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग ने बुधवार को मध्य प्रदेश की सीमा से लगे कुछ जिलों में अति भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, भदोही और महोबा व आसपास के क्षेत्रों में भारी से अति भारी बारिश का खतरा है। वहीं कई अन्य जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

फतेहपुर, प्रतापगढ़, वाराणसी, जौनपुर, हमीरपुर, ललितपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, औरैया, जालौन और झांसी समेत आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश होने की संभावना है।

13 जिलों के 173 गांव बाढ़ से प्रभावित

राहत आयुक्त हृषिकेश भास्कर यशोद ने मंगलवार को प्रदेश के बाढ़ प्रभावित इलाकों में चल रहे राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने जिलाधिकारियों को प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ भोजन, चिकित्सा और अन्य जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर बाढ़ से जुड़े राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है। अब तक 13 जनपदों के 173 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। कुल 84,362 लोग और 13,058 हेक्टेयर क्षेत्रफल बाढ़ की चपेट में आया है।

1,589 बाढ़ चौकियां और 1,263 शरणालय बनाए गए

प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत व्यवस्था को मजबूत किया गया है। प्रदेश में अब तक 1,589 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं, जबकि 1,263 बाढ़ शरणालय बनाए गए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 4,845 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।प्रभावित लोगों के बीच 15,238 राहत खाद्यान्न पैकेट और 30,316 लंच पैकेट वितरित किए गए हैं।

पशुओं और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी फोकस

बाढ़ के कारण 6,067 पशु प्रभावित हुए हैं। प्रशासन के अनुसार प्रभावित पशुओं का उपचार और टीकाकरण किया गया है। पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था के लिए 43,612 क्लोरीन टैबलेट और 23,476 ओआरएस पैकेट वितरित किए गए हैं। बाढ़ प्रभावित जनपदों में राहत एवं स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 724 मेडिकल टीमें और 534 एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई हैं। प्रशासन का फोकस प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है।

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