बदायूं के कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव जिंसी नगला में बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजे झोपड़ीनुमा घर में आग लग गई। आग की लपटें उठीं तो चीख-पुकार मच गई। सैकड़ों लोग मौके पर आ गए और आग को बुझाने लगे। बमुश्किल आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक झोपड़ी में सो रहे ममेरे-फुफेरे दो भाई जिंदा जल गए। सूचना पाकर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा। गांव जिंसी नगला निवासी अलखराम परिवार के साथ गेहूं की कटाई करके बृहस्पतिवार को करीब एक बजे खेत से घर लौटे थे। महिलाएं घर में खाना बनाने लगी थीं। खाना बनाते समय सिलिंडर लीकेज होने से घर में आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें विकराल हो गईं। तेज धमाके के साथ सिलिंडर भी फट गया। घर में से महिलाएं व बड़े ने तो भागकर जान बचा ली, लेकिन अलखराम का नाती छह वर्षीय सुमित व उसका फुफेरा भाई दीपक आग में फंस गया। जब तक परिवार के लोगों ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया, तब तक दोनों ममेरे-फुफेरे भाई जिंदा जल गए। साथ ही एक मवेशी भी जलकर मर गई। अलखराम ने बताया कि उसके तीन बेटे हैं। दो दिल्ली में रहकर मेहनत मजदूरी करते हैं। एक बेटा घर पर उनके साथ खेती में हाथ बंटाता है। करीब आठ दिन पहले उनकी बेटी ममता के साथ उसका छह वर्षीय बेटा दीपक के साथ आई थी। बृहस्पतिवार को खाना बनाते समय अचानक लगी। आग से नाती सुमित व बेटी के पुत्र दीपक की आग की चपेट में आने से मौत हो गई। सूचना पर पहुंची थाना पुलिस ने दोनों बच्चों के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम को भेजा है। बच्चों की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। Please follow and like us: Share Post Share Post navigation हाईटेंशन लाइन हादसे में मजदूर की जान गई, परिवार में पसरा शोक संभल में जुमे की नमाज को लेकर बढ़ाई गई चौकसी, मुरादाबाद मंडल में पुलिस गश्त में तेजी