देहरादूनः- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 16 सितंबर को विद्युत उपभोक्ताओं के लिए बड़ी सौगात का ऐलान किया था। इसके तहत हर महीने 100 यूनिट तक बिजली का इस्तेमाल करने वाले राज्य के घरेलू श्रेणी के विद्युत उपभोक्ताओं को 50 फीसदी सब्सिडी दी जाएगी। इस संबंध में मंगलवार को ऊर्जा सचिव मीनाक्षी सुंदरम ने शासनादेश जारी कर दिया है। इस आदेश के मुताबिक ये योजना 1 सितंबर 2024 से लागू हो गई है, प्रदेश के लगभग 11 लाख 50 हजार उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। शासनादेश जारी ऊर्जा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम की तरफ से जारी शासनादेश के अनुसार, हिम-आच्छादित क्षेत्र के घरेलू श्रेणी के ऐसे विद्युत कंज्यूमर जो हर महीने 200 यूनिट तक बिजली का इस्तेमाल करते हैं। उनको 50 फीसदी सब्सिडी दी जाएगी, यानी अब उनको बिजली के बिल में राहत मिलेगी। हिम-आच्छादित क्षेत्र (Snow Bound Area) का निर्धारण प्रचलित नियमों के अनुसार संबंधित क्षेत्र की समुद्र तल से ऊंचाई के आधार पर करते हुए ही योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा। 100 यूनिट बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को 50% सब्सिडी मिलेगी। हाई एल्टीट्यूड क्षेत्र में 200 यूनिट खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को 50% सब्सिडी मिलेगी। 1 किलोवाट विद्युत कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ प्रदेश के लगभग 11 लाख 50 हजार उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ 100 यूनिट तक बिजली इसके अलावा अन्य क्षेत्रों के घरेलू श्रेणी के ऐसे उपभोक्ता जिन्होंने विद्युत भार 1 किलोवाट तक और हर महीने 100 यूनिट तक बिजली यूज करते हैं, उनको 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय परिवारों को राहत वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार जनता के हितों को ध्यान में रखकर काम कर रही है। बिजली के बिल में सब्सिडी देने का निर्णय राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए लिया गया है। इस फैसले के बाद प्रदेश के नागरिकों पर बिजली का बोझ कम पड़ेगा, इसके अलावा लोगों को बिजली के सीमित इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहन भी मिलेगा। सीएम योगी का कहना है कि, इस योजना से उच्च हिमालय क्षेत्र में रहने वाले बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। Please follow and like us: Share Post Share Post navigation राज्यपाल गुरमीत सिंह ने हर्षिल में राज्य स्तरीय सेब महोत्सव का उद्घाटन किया एसएसपी ने दून अस्पताल में सुरक्षा बढ़ाने के दिए निर्देश, 24 घंटे निगरानी की मांग